School Holidays Notice : कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बीच छात्रों और अभिभावकों के लिए एक बार फिर बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। लगातार गिरते तापमान और सुबह–शाम की तेज ठंडी हवाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों को लेकर अहम फैसला लिया है, जिससे लाखों बच्चों को राहत मिली है।
बीते कुछ दिनों से मौसम का मिजाज लगातार बिगड़ा हुआ है। कई जिलों में न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है, वहीं घना कोहरा और सर्द हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। ऐसे में बच्चों की सेहत को ध्यान में रखते हुए स्कूलों की छुट्टियों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है।
17 जनवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश
शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 17 जनवरी तक बंद रखने का फैसला लिया गया है। यह आदेश प्राथमिक से लेकर उच्च कक्षाओं तक लागू रहेगा। विभाग का कहना है कि मौजूदा मौसम बच्चों के स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं है, इसलिए एहतियातन यह कदम उठाया गया है।
यह भी पढ़े : Ladli Behna Yojana 31वीं किस्त: महिलाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, इस दिन खाते में आएंगे ₹1500

ठंड और शीतलहर बनी मुख्य वजह
मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक कई इलाकों में तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया है। सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने से विजिबिलिटी बेहद कम हो गई है, जिससे स्कूल जाने वाले बच्चों को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही थी। लगातार बढ़ती ठंड और ठिठुरन को देखते हुए प्रशासन ने छुट्टियों को बढ़ाने का निर्णय लिया है।
ऑनलाइन पढ़ाई को लेकर क्या होगा फैसला
स्कूल बंद रहने की अवधि में कई निजी स्कूलों द्वारा ऑनलाइन कक्षाएं संचालित किए जाने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि सरकारी स्कूलों में इसको लेकर अंतिम फैसला स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा लिया जाएगा। अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अपने-अपने स्कूलों से आधिकारिक सूचना जरूर प्राप्त करें।
स्कूल बंद होने की खबर सामने आते ही छात्रों के चेहरे खिल उठे हैं। वहीं अभिभावकों ने भी प्रशासन के इस फैसले का स्वागत किया है। उनका कहना है कि इस मौसम में बच्चों को स्कूल भेजना जोखिम भरा हो सकता था, ऐसे में छुट्टियों का बढ़ना बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी था।
आगे बढ़ सकती हैं छुट्टियां
अगर ठंड और शीतलहर का प्रकोप इसी तरह जारी रहता है, तो स्कूलों की छुट्टियां आगे भी बढ़ाई जा सकती हैं। प्रशासन लगातार मौसम पर नजर बनाए हुए है और हालात के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा। ऐसे में छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और सिर्फ आधिकारिक नोटिस पर ही भरोसा करें।